humanity - इंसानियत
## इंसानियत पर सुविचार (Thoughts on Humanity) इंसानियत सबसे बड़ा मज़हब या धर्म है। यह किसी ख़ास उपासना,इबादत, बंदगी या रीति-रिवाज का नाम नहीं, बल्कि दूसरे के दर्द को समझने और उसकी मदद करने का नाम है। नीचे कुछ विचार present हैं: – सच्ची उदारता वही है जो बिना के दूसरे के काम आए। जब हम किसी की परेशानी को अपनी पीड़ा परेशानी समझते हैं, तभी हम सच्चे इंसान कहलाते हैं। 2. "कोई इतना गरीब नहीं कि वह एक अच्छी सोच न दे सके, और कोई इतना अमीर नहीं कि उसे एक जरूरतमंद हाथो की जरूरत न पड़े।" – इंसानियत का कोई मोल नहीं होता। एक छोटी सी मुस्कान, एक गर्मजोशी भरा आलिंगन / आग़ोशी या जरूरतमंद के लिए एक वक्त का खाना या भोजन – यह सब इंसानियत के बेशक़ीमत रतन हैं। 3. "सच्ची इंसानियत यह नहीं कि आपने किसी को कितना दिया, बल्कि यह है कि आपने कितनी नेक दिली और सम्मान के साथ दिया।"** – अक्सर लोग ख़ैरात / दान करते हैं, लेकिन साथ में अहसान का हिसाब भी देते हैं। इंसानियत तो तब है जब आप किसी क...